भाजपा की पूर्व सरकार में वनमंत्री रहे डॉ हरक सिंह रावत आज फिर ईडी कार्यालय में पेश

कुलदीप राणा /देहरादून

उत्तराखंड की पिछली सरकार में वनमंत्री रहे वर्तमान कांग्रेस नेता डॉ हरक सिंह रावत आज शुक्रवार को एक बार फिर एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट (ईडी) के अधिकारियों के संमुख है। कार्यलय खुलने के कुछ देर बाद ही डॉ हरक सिंह रावत ईडी के सवालों का सामना करने के लिये पहुंच गये। आत्मविश्वास से लबरेज दिख रहें डॉ रावत को पूर्व में पेश होने का सम्मन भेजा गया था किन्तु व्यक्तिगत कारणों से उन्होंने ईडी कार्यालय में पेश होने असमर्थता जताते हुये पेशी के लिये नई तारीख मांगी थी। जिसके बाद एजेंसी ने उन्हें 27 जून की तारीख दी थी जिस पर वह आज अधिकारियों के सवालों के जवाब देने को पहुंच गये। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पाखरों रेंज में हुए अवैध निर्माण और पेड़ कटान मामले में पिछले काफी काफी समय से डॉ हरक सिंह रावत से सवाल किये जा रहे है इसके लिये वह पहले भी ईडी कार्यालय आ चुके हैं कहा जा रहा है कि एक बार फिर उन्हें इसी प्रकरण से जुड़े कुछ नये सवालों के जवाब देने के लिये बुलाया गया है और इस प्रकरण से जुड़े कुछ दस्तावेज भी वह ईडी के सामने रख सकते है।पिछली भाजपा सरकार में वन मंत्री रहते हुये उन पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पाखरों रेज में अवैध निर्माण और पेड़ कटान के आरोप लगे थे इस पर प्रदेश सरकार द्वारा विजलेंस जाँच भी करायी जा चुकी है। 2022के विधानसभा चुनाव से पहले वह कांग्रेस में शामिल हो गये थे और अब लगातार ईडी की जाँच का सामना कर रहे है।हालांकि पिछली पूछताछ में ऐसा कोई गंभीर विषय उभरकर सामने आया हो जो सीधे तौर पर डॉ हरक सिंह रावत को आरोपी के कटघरे में खड़ा करता हो लेकिन बावजूद इसके अभी तक वह सवालों के कटघरे से बाहर नहीं निकल पाये है। शायद यही कारण है कि वह कई बार भाजपा की केंद्र सरकार पर केंद्रीय जाँच एजेंसियों के राजनितिक दुरुपयोग का आरोप लगाते रहे हैं।