कुलदीप सिंह राणा/देहरादून
उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दूसरे कार्यकाल की अपनी नई टीम का एलान कर दिया है। नई टीम मे पिछले कार्यकाल के कुछ चेहरे शामिल है तो कुछ को कार्यकारिणी से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। 2022 की तुलना मे 2025 मे भाजपा की राजनितिक गंगा मे बहुत पानी बह गया है तब चुनाव हारने के बावजूद महेंद्र भट्ट प्रदेश अध्यक्ष बनाये गये थे अब राज्य सभा सांसद महेंद्र भट्ट प्रदेश अध्यक्ष हैं, सांसद होने से दिल्ली आवाजही भी बढ़ गयी, पार्टी और केंद्रीय नेताओं से मिलना ज्यादा आसान हो गया है।कहते हैं संगती से जीवन मे बड़ा बदलाव आता है दिल्ली की संगत मे महेन्द्र भट्ट की राजनितिक ज्ञान व कुशलता पर भी तो कुछ असर हो ही रहा होगा। कूटनीतिक बिसात पर कौन सा मोहरा कहाँ फिट करना यह राजनितिक मे बेहद महत्वपूर्ण होता है महेद्र भट्ट की नई कार्यकारणी मे प्रदेश भाजपा की बदली हुई परिस्थितियों का असर साफ झलक रहा है।

42 सदस्यों की इस टीम मे आठ प्रदेश उपध्यक्ष तीन प्रदेश महामंत्री और आठ प्रदेश मंत्री बनाये गये है गौर करने वाली यह है कि नये प्रदेश महामंत्रीयों मे आदित्य कोठरी का नाम नहीं है। एक समय प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ मे शामिल यह नाम आज प्रदेश कार्यकारिणी से गायब है पुष्कर काला को भी नई कार्यकारिणी मे जगह नहीं दी गयी है नई टीम की संरचना आभास करा रही है कि महेद्र भट्ट इस बार राजनितिक खेल खेलने के मूड मे दिखायी दे रहे है। सत्ता पक्ष से लेकर गुटों मे बटी नजर आ रही प्रदेश भाजपा के बीच संतुलन से ज्यादा भट्ट ने केंद्रीय नेतृत्व के साथ मिलकर कुछ अलग करने और दिखाने का प्रयास किया है।

हालांकि बदली हुई परिस्थितियों के बावजूद कुछ पुराने चेहरे भी नई टीम मे शामिल किये गये है नेपो किड्स को भी प्रदेश कार्यकारिणी मे वरीयता दी गयी है।
नई कार्यकारिणी अनेक ऐसे चेहरे शामिल किये गये है जो धरातल पर शून्य किन्तु दिल्ली मे अपने आकाओं के दम पर थोड़ी बहुत पकड़ रखते है। गढ़वाल से एकमात्र दीप्ती रावत को प्रदेश महामंत्री बनाया गया इसके साथ ही वह प्रदेश की पहली महिला महामंत्री बन गयी है प्रदेश मंत्री की सूची मे सतीश लखेड़ा का नाम शामिल है। जो पुरानी पिच छोड़ कर इन दिनों नयी पिच पर पांव ज़माने की कोशिश कर रहे है

नये बनाये गये आठ प्रदेश उपाध्यक्ष मे से 6 गढ़वाल मंडल से है और 2 कुमायूं मंडल से बनाये गये है जबकि प्रदेश महामंत्री मे तीन मे से दो बागेश्वर व नैनीताल से बनाये गये है प्रदेश मंत्री के दायित्व मे बटवारा बराबरी का हुआ है चार गढ़वाल से व चार कुमायूं मंडल से बनाये गये है। 19 लोगों की इस टीम मे 11 दायित्व गढ़वाल मंडल व 8 कुमायूं मंडल के पास है। वही अगर हम 42 लोगों की पूरी टीम को संतुलन की दृष्टि से तुलनात्मक रूप मे देखे तो 25 लोग गढ़वाल मंडल से है व 17 लोग कुमायूं मंडल से शामिल किये गये है। महिला मोर्चा की अध्यक्ष रही केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल प्रदेश उपाध्यक्ष कि कुर्सी पर बैठाया गया है उनके स्थान पर रूचि चौहान भट्ट को कमान सौंपी गयी है साथ ही कौस्तुभानंद जोशी की भी भाजपा प्रदेश कार्यालय सचिव से छुट्टी हो गयी है उनकी जगह पौड़ी लोकसभा के कोटद्वार निवासी जगमोहन रावत को कार्यलय सचिव बनाया गया। प्रदेश कार्यालय का बदलाव कई मायनो मे महत्वपूर्ण माना जा रहा है यही कारण है कि महेन्द्र भट्ट की यह नई कार्यकारिणी कई कूटनीतिक संकेत दे रही है जिसे भविष्य मे उत्तराखंड मे होने वाले राजनितिक उथल पुथल से पूर्व क्षेत्रीय संतुलन के साथ साथ राजनितिक वर्चस्व की दृष्टि से भी देखा जा रहा है।
