Uncategorized

सीएम त्रिवेंद्र रावत का रक्षा बंधन पर आंगनवाड़ी व आशा बहिनों को तोहफा

रक्षा बन्धन के अवसर पर आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्री के खाते में डाली एक-एक हजार रूपए की सम्मान राशि ।
हर वर्ष की भांति इस रक्षाबंधन पर भी प्रदेश की महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा।
“कोरोना महामारी के कारण रक्षाबंधन के अवसर पर जब हम सामूहिक रूप से अपने त्यौहार नहीं मना पा रहे हैं। ऐसे दौर में हमारी हजारों आगनबाड़ी एवं आशा बहने फ्रंट लाइन में रह कर कोरोना वायरस से प्रदेश की जनता को बचाने के लिए अपने आप को जोखिम में डालकर अपना काम कर रही है। मेरी उन सभी बहनों के लिए बहुत ही शुभकामनाएं हैं, वह सभी स्वंय भी स्वस्थ रहें तभी वह जनता के स्वास्थ्य का ख्याल रख सकती है। विगत वर्षों तक बड़ी संख्या में हमारी बहनें रक्षासूत्र बांधने आती थी और अपना आशीर्वाद व  शुभकामनाएं मुझे प्रदान करती थी, परन्तु इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण परिस्थितियां बदली हुई है। सैकड़ों बहिनों की राखियां मुझे तक पहुंची है, निश्चित रूप से उनका आशीर्वाद राखियों के साथ मुझे प्राप्त हुआ है। मैं सभी बहिनों का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं और इस अवसर पर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।”
                                              -मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
रक्षा बंधन
   राजनीति में त्योहारों का अपना अलग महत्व है।त्योहारों के अवसर पर राजनेताओं द्वारा की गई घोषणाएं नेतृत्व की संवेदनशीलता व राजनीतिक दूरदर्शिता का सार्वजनिक प्रदर्शन  भी होती है कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति में जहां आम जनमानस की आर्थिक स्थिति त्योहारों के उत्साह को प्रभावित कर रही है वहीं सरकारें भी  महामारी से उत्पन्न स्थितियों से संघर्ष कर रही हैं। ऐसे दौर में भाई-बहिन के त्यौहार रक्षा बंधन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा राज्य की लगभग 50 हजार आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों बहिनों के बैंक खाते में एक – एक हजार  रुपये की राशि जमा कराने की घोषणा करना नेतृत्व की संवेदनशीलता को दर्शा रहा है।
भारतीय हिंदु संस्कृति में रक्षा-बंधन का त्योहार भाई-बहिन के अटूट प्रेम और रक्षा के वचन का प्रतीक है। बहिने भाई की कलाई पर राखी बांधती है इस अवसर पर भाई अपनी बहिनों को भेंट व रक्षा का वचन देतें है। जब भाई प्रदेश का मुख्यमंत्री हो तो अपेक्षाएं भी बड़ी हो जाती हैं। भेंट तो त्रिवेंद्र रावत ने प्रदेश की इन 50 हजार बहिनों को दे दी है अब उनकी रक्षा की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री के कंधों पर हैं।
  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा है कि रक्षाबंधन हमारी भावनाओं से जुड़ा हुआ त्यौहार है। इस दिन सभी भाइयों को अपनी बहनों का इंतजार रहता है महिलाओं की सुविधा के लिये रक्षाबंधन के अवसर पर उन्हें उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा करने की सुविधा प्रदान की गई है। इसके साथ ही जो हमारी किशोरियां हैं उनके लिए हम बहुत जल्दी सेनेटरी नैपकिन योजना ला रहे हैं। हमारी सैकड़ों बहने बद्रीनाथ, केदारनाथ, जागेश्वर धाम, गर्जिया मन्दिर, चंडी देवी मंदिर और जो तमाम प्रसिद्ध मंदिर हैं वहां पर स्थानीय उत्पादों से प्रसाद बनाकर अपनी आजीविका चला रही हैं हम अपने राज्य की महिलाओं के महिला समूह को 5 लाख रूपये तक का ऋण बिना ब्याज के दे रहे हैं ताकि हमारी बहने अपने पैरों में खड़ी हो सकें। आज जब हम महिलाओं के उत्थान व सशक्तिकरण की बात करते हैं तो बहुत जरूरी है कि हमारी बहनें शिक्षित हो, हमारी बेटियां शिक्षित हो और वह आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन।
 मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने सभी से कोरोना के दृष्टिगत आवश्यक सावधानियाँ बरतते हुए रक्षाबंधन त्यौहार मनाने की अपील भी की है।

POSKOBET

POSKOBET

POSKOBET

POSKOBET

POSKOBET

SUNDA787

SUNDA787

SUNDA787

SUNDA787

SUNDA787

SUNDA787