दून अस्पताल के डॉक्टर्स की सवेंदनहीनता और गैर जिम्मेदारी पड़ी बिजेंद्र के प्राणों पर भारी
कुलदीप राणा /देहरादून-दून की एमरजेंसी के बाहर आक्सीजन मास्क पहने डेढ़ घंटे तक किया उपचार का इंतजार.-आयुष्मान बीमा योजना के कायदों में उलझें रहे डॉक्टर्स और कर्मचारी.– प्राथमिक उपचार दिया होता तो बच जाती बिजेंद्र कि जान.उपचार की अंतिम आस मे दून अस्पताल की एमरजेंसी मे पंहुचे विजेंद्र को कहाँ पता था कि जिन डॉक्टरर्स…
